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धाकड़ गर्ल कंगना रनोट पर्सनल लाइफ पर बोलीं- मेरी जिंदगी में वेकअप कॉल आ गया है

पद्मश्री एक्ट्रेस कंगना रनोट को फिल्म इंडस्ट्री में डेढ़ दशक से ज्यादा का अनुभव हासिल है। 20 मई को उनकी एक्शन जॉनर की फिल्म ‘धाकड़’ आ रही है। फिल्म की मेकिंग और बॉलीवुड का उनके प्रति ‘एक्शन’ पर उन्होंने अपने ‘रिएक्शन’ बेबाकी से रखे हैं। पेश है बातचीत का प्रमुख अंश:

‘धाकड़’ की शुरूआत कब हुई थी?
ये तो मेरे पास साल 2019 में आई थी। निर्माता सोहेल मकलई लेकर आए थे इसे मेरे पास। बहुत साल पहले मैंने उनकी फिल्म ‘नॉक आउट’ की थी। इरफान सर भी उसमें हमारे साथ थे। मेरे करियर की शुरूआत में ही सोहेल से मेरी बड़ी अच्छी दोस्ती हो गई थी। हालांकि धाकड़ को हां कहने में काफी वक्त लिया। डायरेक्टर नए हैं। मैंने इसके बारे में काफी सोचा। मुझे लगा कि नए फिल्ममेकर हैं। पता नहीं फिल्म की माउंटिंग क्या होगी?

किरदार अग्नि में कैसे खुद को ट्रांसफॉर्म किया?
दरअसल उन दिनों में जयललिता जी वाली ‘थलाईवी’ कर रही थी। वहां मैंने 20 किलो वेट गेन किया था। मैंने सोचा नहीं था कि मुझे ‘धाकड़’ की तरह की फिल्म ऑफर होगी। हालांकि करियर के शुरू में मुझे लगता था, खासकर जब मैंने ‘फैशन’ की थी। ‘फैशन’ के वक्त तो मैंने ट्रेनिंग भी बहुत की थी। ‘फैशन’ के वक्त मैं महज 17 से 18 साल की थी। फिर ‘कृष’ फ्रेंचाइजी में मेरे हिस्से में एक रोल आया। लिहाजा ‘फैशन’ और ‘कृष’ के वक्त मुझे लगता था कि फीमेल एक्शन फिल्म मेरे खाते में आ सकेगी। हालांकि तब मौका नहीं मिला। फिर जब ‘थलाइवी’ के वक्त मुझे वैसी फिल्मों की उम्मीद नहीं थी तो यह फिल्म मेरे पास चलकर आई।

बॉलीवुड में जो कथित तौर पर कैंप हैं, उनका सपोर्ट आउटसाइडरों के लिए तो अब भी कम ही नजर आ रहा है?
जिन कैंप की बात मैं सदा करती रही हूं, वो सामने वाले को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। जैसे मेरी फिल्म आ रही है तो इसे इंडस्ट्री से कोई सपोर्ट नहीं है। उनका इरादा ये नहीं है कि फिल्में चलनी चाहिए। उनका मकसद है, जो वो चाहें, वो ही फिल्में चला करें। आलम ये रहा कि मिस्टर बच्चन ने मेरी फिल्म का ट्रेलर ट्वीट किया, मगर इमिडिएटली उन्हें डिलीट करना पड़ा। अब यह उन पर प्रेशर था या कुछ और वह तो पता नहीं। लेकिन इतनी बड़ी हस्ती पर इतना बड़ा प्रेशर आ सकता है। या उन्होंने खुद ऐसा किया, वह हम नहीं बता सकते तो इस टाइम पर सोच सकते हैं कि कैंप वालों के दिमाग कहां चल रहें हैं?

बीते नवंबर में आपने कहा था कि आप हैप्पी स्पेस में हैं। साल 2023 में एक और शहनाई बजने वाली है?
बेशक आप सबों को वह सब बहुत जल्द पता चलेगा। यकीनन बरसों से मैंने अपनी पर्सनल लाइफ बहुत इग्नोर की है। हालांकि हर किसी की जिंदगी में वेकअप कॉल आता है कि भई अब अपने लिए भी जरा जी लो। काम के अलावा अपनी एक फैमिली बना लो। मैं भी वैसा करने की उम्मीद कर रही हूं। मेरे कॉल भी आ गया है।

सुशांत प्रकरण के बाद क्या ऑडिएंस बॉलीवुड के कुछ कलाकारों से नाराज हैं। शायद तभी उनकी हालिया फिल्में कम चलीं?
ये तो मैं नहीं कह सकती कि लोगों की किसी से नाराजगी है कि नहीं? मैं तो हालांकि खुल कर बोलती रही हूं कि इंडस्ट्री में जिस तरह से बर्ताव होता है, लोगों को जिस तरह से हैरेस किया जाता है। ऐसे में लोगों को नाराजगी तो होगी। वह इसलिए कि ये ऐसी फील्ड है, जहां पर ‘वो’ लोग रोल मॉडल बनकर उभरते हैं। सबको ‘मोस्ट डिजायरेबल’, ‘हाईएस्ट पेड ’ वाले प्रोपेगैंडा करते रहते हैं। मगर जैसे ही जवाब देने की बात आती है तो वो जवाबदेही तो लेनी होगी न। हालांकि ‘वो’ उसका भी जवाब नहीं दे पा रहे हैं। कोई भी अपने कंडक्ट का जवाब नहीं दे रहा कि किस तरह ग्रुपबाजी की जाती है कि बंदा आत्महत्या तक करने को मजबूर हो जाता है। या मुझ जैसों पर ढेरों केस किए जा रहे हैं, जिनका कोई मतलब नहीं है। या कोई मेरी फिल्मों के बारे में बात नहीं कर सकता। इन सब चीजों को दर्शक देख रहें हैं।

जो लोग आप की फिल्मों को पब्लिकली सपोर्ट नहीं कर रहे, उनसे पर्सनली कभी किसी इवेंट में मिलना होता है तो वो क्या कहते हैं?
जहां मुझे बुलाया जाता है, वहां मैं जाती हूं। क्योंकि जैसा मैंने कहा, मुझे किसी का डर नहीं है। मेरा दिल भी साफ है। जो भी कोई मुझसे बात करना चाहे, वह कर सकता है। मैं वह ‘कॉफी’ के शो में भी गई थी। बात करने के लिए मैं हमेशा ही रेडी हूं। पर ये जो लोग हैं, वो मुझसे बात करने में डरते हैं। अगर मैं दिख जाऊं तो तितर-बितर होकर भाग जाते हैं। रास्ता बदल लेते हैं। खिसिया के नर्वस हो जाते हैं। खैर दोस्ती तो हमारी कभी नहीं थी।

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