CrimeForeignHinduIndia
Trending

जिस NATO फोर्स पर रूस को धमकी दे रहे हैं बाइडन उसमें जानें- यूएस समेत अन्‍य देशों की क्‍या है स्थिति

नई दिल्‍ली )। रूस और यूक्रेन के बीच जिस तरह से हालात खराब हो रहे हैं उसको देखते हुए आने वाले दिनों में क्‍या कुछ देखने को मिलेगा इस बारे में कह पाना काफी मुश्किल हो गया है। हालांकि रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले की शुरुआत करने वाले देश अब तक केवल रूस को धमकी देने तक ही सीमित हैं। इतना ही नहीं अमेरिका जो इस मामले में काफी आक्रामक बयानबाजी कर रहा था वो भी केवल वहीं तक सीमित है। इसके अलावा खुद यूक्रेन की ही बात करें तो वो नाटो फौज को लेकर भले ही खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है लेकिन उसका भी रवैया अब तक काफी कुछ ऐसा ही रहा है।

बीते दो दिनों में इस मामले में जहां अमेरिका ने पौलेंड को टैंकों की बिक्री करने की घोषणा की है तो वहीं दूसरी तरफ नीदरलैंड ने हेलमेट समेत अन्‍य सैन्‍य साजो-सामान यूक्रेन को देने की बात की है। विभिन्‍न एजेंसियों की मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि यूक्रेन में रूस की तरफ से हमले जारी हैं। बहरहाल, इस तनाव में नाटो का नाम बार-बार सामने आता रहा है। नाटो इस तनाव की एक अहम कड़ी भी है। इसलिए इसके बारे में जानना जरूरी हो जाता है। आपको बता दें कि नाटो दुनिया के करीब 30 देशों का एक संगठन है जिसमें अधिकतर देश यूरोप के ही हैं। नाटो के पास अपनी वायु सेना, थल सेना, नौसेना तटरक्षक बल तक है। इसके तीन सदस्‍य ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस एक परमाणु हथियार वाले देश हैं।

नाटो सेना में सबसे बड़ी भूमिका अमेरिका की है। इसके करीब 13 लाख से अधिक जवान इस संगठन में अपनी सेवा दे रहे हैं। इसके अलावा दूसरे नंबर पर तुर्की (3.55 लाख से अधिक), तीसरे पर फ्रांस (दो लाख से अधिक, चौथे नंबर पर जर्मनी ( 1.78 लाख से अधिक), पांचवें नंबर पर इटली (1.75 लाख लगभग), छठे नंबर पर ब्रिटेन (1.46 लाख से अधिक), सातवें नंबर पर ग्रीस (1.41 लाख से अधिक) , आठवें नंबर स्‍पेन (1.21 लाख से अधिक), नौवें नंबर पर पौलेंड (1.05 लाख से अधिक) और रोमानिया (69 हजार से अधिक) है। संख्‍या के हिसाब से इस संगठन पर अमेरिका का प्रभुत्‍व है।

कुछ देश इसमें ऐसे भी हैं जिनके एक्टिव ट्रूप्‍स की संख्‍या इस संगठन में कम जरूर है लेकिन रिजर्व फोर्स में उनके जवानों की संख्‍या काफी अधिक है। इनमें ग्रीस नाम शामिल है जिसके रिजर्व फोर्स में 2.20 लाख से अधिक जवान हैं। इसके अलावा लिथुवानिया के करीब 90 हजार, पुर्तगाल के करीब 2.11 लाख से अधिक तुर्की के करीब 3.78 लाख से अधिक और अमेरिका के करीब साढ़े आठ लाख से अधिक जवान इस संगठन के रिजर्व फोर्स का हिस्‍सा हैं। यूक्रेन जिसका रूस से विवाद है वो इस संगठन का सदस्‍य नहीं है। लेकिन अमेरिका उसको इस संगठन का सदस्‍य बनाना चाहता है जबकि रूस ऐसा नहीं चाहता है।

Tags
Photo of voiceofhindu

voiceofhindu

Voiceofhindu.in was started by Tushar Rastogi On 24September2021 in moradabad uttar pradesh.Because of Not showing The truth to by Godi media,then we decided that we should start a news portal of the demand of public and organizations.Voiceofhindu shows you unbiased and true news.Because it is your right to know the truth.Today the indian mainstream media is only representing the aspirations of the special and prosperous sections of the people. As a result of which the voice of the Hindu in our country is not being kept on the national stage. Voiceofhindu is the voice of the people of the marginalized society And Hindu. It is our endeavor to make you aware of the important topics on which the capitalist media houses are not ‘interested’. A very large population of the country is falling prey to the wrong policies of the government by consuming false and misleading news in the absence of true and unbiased news. It is our responsibility to deliver the right news to such people.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Close
Close